कल प्रमोद दद्दा पूछे कि “आप लिंक्ड है कि नहीं” हम सोचे ई का हो गया ….दद्दा सकाले सकाले का पूछ रहे हैं …वो भी सार्वजनिक रूप से . अब हम कैसे बतायें कि हम लिंक्ड है कि नहीं..वो भी सबके सामने…..घर में एक अदद बीबी भी है ना…. फिर जब पोस्ट में पढ़े तो [आगे पढ़ें.....]
आज बात करते हैं हिन्दी के कुछ चिट्ठाकारों के साथ हुए मेरे अनुभवों की ..
कल लंच के समय बाहर निकला ही थी कि हिन्दी के एक चिट्ठाकार मिल गये.टीका-वीका लगाये थे और इतनी गर्मी में भी फ्रैश फ्रैश लग रहे थे … रिलांयस फ्रैश की तरह….लगता था जैसे अभी अभी हिल स्टेशन घूम के आये [आगे पढ़ें.....]
आजकल हमारी कंपनी , जिसमें मैं काम करता हूँ, में इंक्रीमेंट (वेतन बढ़ोत्तरी) का सीजन है…आमतौर पर अधिकतर कंपनियों में ये सीजन मार्च-अप्रेल के दौरान प्रारम्भ हो जाता है…इसकी शुरुआत होती है एक विशेष रंग में रंगे फॉर्म से (फॉर्म का रंग प्रत्येक कंपनी का अपना होता है लेकिन मेरे अनुभव के अनुसार अधिकतर कंपनियों [आगे पढ़ें.....]
ये पोस्ट मैने अपने दूसरे चिट्ठे पर लिखी थी…पर ना जाने क्यों नारद पर नहीं आयी ..इसलिये यहाँ पर पोस्ट कर रहा हूँ…शायद अब नारद पर आ जाये….
आपने जिम और डेला की कहानी तो पढ़ी ही होगी…यदि नहीं पढ़ी तो थोड़ा इसके बारे में भी बता दूं..ये कहानी ओ हैनरी ने लिखी थी. ..कहानी का [आगे पढ़ें.....]
जब रवि जी ने बताया कि भोमियो में अब प्रोक्सी सर्वर के द्वारा बहुत सी भाषाओं मे लिप्यांतर की सुविधा है तो बहुत से चिट्ठाकारों ने अपने अपने चिट्ठे मे लिप्यांतर का कोड लगा दिया.इसे लगाने में देर मैने भी नहीं की और अपने ब्लॉगस्पॉट वाले चिट्ठे पर इसे लगा दिया. तब तो लगा नहीं [आगे पढ़ें.....]
मेरा ऎलान :ये मेरी व्यक्तिगत रुचि-अरुचि से जुड़ी हुई मौज है- आप इस पर या तो प्रशंसा भाव से (टिप्पणी) लिखें, या आलोचना की एक ग्राह्य शैली में ही अपनी (टिप्पणी) बात रखें. लेकिन जो भी करें …करें जरूर.
अभी आज ही जब हमने इतना अच्छा गाना गाया तो लोगों ने सुना ही नहीं (अभी [आगे पढ़ें.....]
अरूण भाई ने कल जब अपनी करुण कहानी सुनायी तो हमने सोचा कि अरूण भाई से दोस्ती निभा ही लें (वैसे दोस्ती नहीं निभानी थी..हमें तो डर था कि कहीं हमसे ही पंगा ना ले लें) और उसी भावावेश में लिख दिया.
अरे अपने बिरादरी के लोगों से कैसा घबराना,
जरूरत पड़े तो हमें भी ले जाना [आगे पढ़ें.....]
क्या आपको मालूम है आप अपने घर में अब योगाभ्यास नहीं कर सकते ? क्योंकि यदि आप योगाभ्यास करेंगे तो आपको श्री विक्रम चौधरी जी को पैसे देने पड़ेंगे…..क़्योकि योग का आविष्कार भले ही उन्होने न किया हो योग का पेटेंट उनके नाम जरूर है.
आज सुबह जब उठा तो सोचा बहुत मोटे हो रहे हैं [आगे पढ़ें.....]
आजकल फिर पॉडकास्टिंग का बोल बाला है . तरकश की अच्छी अच्छी पॉडकास्ट तो सुनते ही थे पॉडभारती भी आ गया/गयी. इस सब को देख हमको यदि हमें भी जोश उमड़ गया …इस बुढ़ापे में …तो क्या गलत है .
तो लीजिये पेश है पॉडकास्टिंग के लिये नया चिट्ठा और नयी पॉड्कास्ट.
कई बार हम कुछ [आगे पढ़ें.....]
(इस पोस्ट को साइबर कैफे से ऑनलाइन हिन्दिनी औजार का प्रयोग कर लिख रहा हूँ . इसलिये कुछ मात्रा की गलतियाँ हैँ जो कल ही सुधार पाऊँगा . आप मन ही मन सुधार लेँ . एक दिन उधार दें.)
आजकल कवियों पर शोध करने का फैशन चल निकला है . कोई कवि और कविता को नापने [आगे पढ़ें.....]
आपके सदविचार