Archive for August, 2007

अनुगूँज 22: हिन्दुस्तान अमरीका बन जाए तो कैसा होगा - पाँच बातें

नौ-दो-ग्यारह रहने वाले यदि सुबह के भूले की तरह शाम को घर आकर “अनुगूंज बाइस” करें तो क्या हो ? किसी नये ब्लॉगर ने चुपके से मेरे कान में सवाल पूछा. अब हम भी कोई पुराने ब्लॉगर तो थे नहीं कि अपनी फुरसत का उपयोग,कुछ नया ना लिख पाने की हताशा में, अपने पुराने संस्मरणों [...]