गणेश जी को प्रार्थना पत्र

 
चिट्ठाजगत चिप्पीयाँ: हास्य व्यंग्य, काकेश

आदरणीय श्री गणेश जी,

आप प्रात: पूजनीय हैं और सर्वप्रथम पूजनीय भी. आपकी पूजा किये बिना यदि कोई कार्य किया जाये तो वो सफल नहीं होता. आपको चढ़ावा दिये बगैर आगे नहीं बढ़ा जा सकता. आपका मुँह हाथी का है यनि आपके खाने के दांत और दिखाने के दांत [आगे पढ़ें.....]

कैसे कमायें लाखों….हिन्दी सेवा से

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जैसे बरसात में कुकुरमुत्ते और चुनाव में टिकटार्थी अपना सर उठाये प्रकट हो जाते हैं वैसे ही हिन्दी दिवस और हिन्दी पखवाड़े पर बहुत से हिन्दी के वरद पुत्र धन की फसल काटने को प्रकट हो जाते हैं.कुछ जुनियर टाइप मिनि पुत्र केवल 20-30 हिन्दी [आगे पढ़ें.....]

हिन्दी की सेवा का मेवा

वो आज खुश है.पत्नी के प्रेम के वशीभूत भी है.आज उनकी पत्नी ने अपनी हिन्दी की थिसिस जमा कर दी.वे पुलकित भी हैं और किलकित भी. उनकी मेहनत रंग लायी.उनकी मेहनत में उनकी पत्नी का भी हाथ हैं या ये कहें कि पत्नी का पूरा का पूरा किचन भी इसमे शामिल है.जब वह इंटरनैट [आगे पढ़ें.....]

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