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	<title>Comments on: क्या आप योग के लिये पैसा देंगे..??</title>
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	<description>Kakesh's KudKud</description>
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		<title>By: लंगी लगाने की विशुद्ध भारतीय कला</title>
		<link>http://kakesh.com/2007/patent-of-indian-yoga-in-usa/comment-page-1/#comment-635</link>
		<dc:creator>लंगी लगाने की विशुद्ध भारतीय कला</dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Sep 2007 11:59:28 +0000</pubDate>
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		<description>[...] की भी सोच रही है.नहीं तो क्या पता कोई विदेश में रहने वाला चौधरी, जो इस मामले में पहले से ही बदनाम [...]</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>[...] की भी सोच रही है.नहीं तो क्या पता कोई विदेश में रहने वाला चौधरी, जो इस मामले में पहले से ही बदनाम [...]</p>
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		<title>By: vishal</title>
		<link>http://kakesh.com/2007/patent-of-indian-yoga-in-usa/comment-page-1/#comment-239</link>
		<dc:creator>vishal</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 May 2007 15:10:16 +0000</pubDate>
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		<description>योग कोई स्टील बनाने कि प्रक्रिया नहीं है, जिसे पेटेन्ट कर लिया जाय। लेकिन अमेरीकी कानून हर चीज का पेटेन्ट करा देता है। ऐसे तो कोई भी दौडने चलने का, मालिश करने का, पूजा उपासना और लोक संगीत का भी पेटेन्ट करा सकता है, बस दिखाने के लिए कुछ नयी चीज़ होनी चाहिए। पेटेन्ट के दायरे में किन चीजों को रखा जा सकता है, किन्हें नहीं, इस पर विचार होना चाहिए। कोइ विशेष तकनीक, कोइ डिजाइन या Application भले पेटेन्ट हो जाए, पर ज्ञान तो मुक्त होना चाहिए। सोचिए अगर न्यूटन ने गति के नियम, आइन्स्टीन ने सापेक्षता का सिद्धान्त पेटेन्ट करा लिया होता तो क्या होता।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>योग कोई स्टील बनाने कि प्रक्रिया नहीं है, जिसे पेटेन्ट कर लिया जाय। लेकिन अमेरीकी कानून हर चीज का पेटेन्ट करा देता है। ऐसे तो कोई भी दौडने चलने का, मालिश करने का, पूजा उपासना और लोक संगीत का भी पेटेन्ट करा सकता है, बस दिखाने के लिए कुछ नयी चीज़ होनी चाहिए। पेटेन्ट के दायरे में किन चीजों को रखा जा सकता है, किन्हें नहीं, इस पर विचार होना चाहिए। कोइ विशेष तकनीक, कोइ डिजाइन या Application भले पेटेन्ट हो जाए, पर ज्ञान तो मुक्त होना चाहिए। सोचिए अगर न्यूटन ने गति के नियम, आइन्स्टीन ने सापेक्षता का सिद्धान्त पेटेन्ट करा लिया होता तो क्या होता।</p>
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		<title>By: समीर लाल</title>
		<link>http://kakesh.com/2007/patent-of-indian-yoga-in-usa/comment-page-1/#comment-238</link>
		<dc:creator>समीर लाल</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 May 2007 13:32:28 +0000</pubDate>
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		<description>मामला जितना गंभीर है उतना ही पेचीदा भी. बात तो सर्वथा गलत है. इसका पुरजोर विरोध होना चाहिये.</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>मामला जितना गंभीर है उतना ही पेचीदा भी. बात तो सर्वथा गलत है. इसका पुरजोर विरोध होना चाहिये.</p>
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		<title>By: हरिराम</title>
		<link>http://kakesh.com/2007/patent-of-indian-yoga-in-usa/comment-page-1/#comment-240</link>
		<dc:creator>हरिराम</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 May 2007 11:03:06 +0000</pubDate>
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		<description>बड़ा अच्छा काम किया है भारतीय विक्रम चौधरी जी ने। पेटेण्ट लेना भी तो जरूरी था न? आखिर उनकी वर्षों की शोध-साधना का परिणाम है न? पर एक असली पेटेण्ट तो हम भारतीयों को लेना होगा। भारत में प्राचीन व अर्वाचीन काल से प्रचलित किसी भी मौलिक विधि, परम्परा, विज्ञान, शास्त्र, योग ... में थोड़ा-बहुत परिवर्तन करके पेटेण्ट कराने वाले को &lt;b&gt; ऐसे पेटेण्ट से होनेवाली कुल कमाई का 90 प्रतिशत हम भारतीयों को देना होगा। आइए हम सभी हिन्दी ब्लॉगर मिलकर एक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का पेटेण्ट प्रदायी संस्थान गठित कर लें।&lt;/b&gt;</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>बड़ा अच्छा काम किया है भारतीय विक्रम चौधरी जी ने। पेटेण्ट लेना भी तो जरूरी था न? आखिर उनकी वर्षों की शोध-साधना का परिणाम है न? पर एक असली पेटेण्ट तो हम भारतीयों को लेना होगा। भारत में प्राचीन व अर्वाचीन काल से प्रचलित किसी भी मौलिक विधि, परम्परा, विज्ञान, शास्त्र, योग &#8230; में थोड़ा-बहुत परिवर्तन करके पेटेण्ट कराने वाले को <b> ऐसे पेटेण्ट से होनेवाली कुल कमाई का 90 प्रतिशत हम भारतीयों को देना होगा। आइए हम सभी हिन्दी ब्लॉगर मिलकर एक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का पेटेण्ट प्रदायी संस्थान गठित कर लें।</b></p>
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		<title>By: जीतू</title>
		<link>http://kakesh.com/2007/patent-of-indian-yoga-in-usa/comment-page-1/#comment-237</link>
		<dc:creator>जीतू</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 May 2007 07:47:34 +0000</pubDate>
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		<description>ह्म्म! ये वाले चौधरी जी तो बहुत चालू मार्का निकले।
अब तो योग करने वाले सुबह सबेरे खर्चा करने से डरेंगे।

भारत सरकार, हमेशा की तरह  चौधरी जी से पेटेंट छोडने का निवेदन करेगी और हाथ पर हाथ धरकर सालों इन्तज़ार करेगी।

धन्धा तो सबने बना रखा है, आर्ट आफ़ लिविंग वाले सांस लेना सिखाते है, बाबा रामदेव योगासन और चौधरी साहब अमरीकियों को क्रमवार योगा। बस एप्रोच और आडियंस अलग अलग है सबक।

हम भी सोचते है चिट्ठाकारी को पेटेंट करवा लें। क्या कहते हो भाई लोगों? चौधरी होने की प्रिरिक्विजिट तो है ही।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>ह्म्म! ये वाले चौधरी जी तो बहुत चालू मार्का निकले।<br />
अब तो योग करने वाले सुबह सबेरे खर्चा करने से डरेंगे।</p>
<p>भारत सरकार, हमेशा की तरह  चौधरी जी से पेटेंट छोडने का निवेदन करेगी और हाथ पर हाथ धरकर सालों इन्तज़ार करेगी।</p>
<p>धन्धा तो सबने बना रखा है, आर्ट आफ़ लिविंग वाले सांस लेना सिखाते है, बाबा रामदेव योगासन और चौधरी साहब अमरीकियों को क्रमवार योगा। बस एप्रोच और आडियंस अलग अलग है सबक।</p>
<p>हम भी सोचते है चिट्ठाकारी को पेटेंट करवा लें। क्या कहते हो भाई लोगों? चौधरी होने की प्रिरिक्विजिट तो है ही।</p>
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		<title>By: प्रियंकर</title>
		<link>http://kakesh.com/2007/patent-of-indian-yoga-in-usa/comment-page-1/#comment-236</link>
		<dc:creator>प्रियंकर</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 May 2007 06:38:48 +0000</pubDate>
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		<description>हल्दी के पेटेन्ट की लड़ाई हमने लाखों रुपये खर्च करके एक लम्बे कानूनी दांव-पेच के बाद जीती . अब क्या भारत के  हर पारम्परिक ज्ञान और विद्या के बार-बार ऐसी लड़ाइयां लड़नी पड़ेंगी .</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>हल्दी के पेटेन्ट की लड़ाई हमने लाखों रुपये खर्च करके एक लम्बे कानूनी दांव-पेच के बाद जीती . अब क्या भारत के  हर पारम्परिक ज्ञान और विद्या के बार-बार ऐसी लड़ाइयां लड़नी पड़ेंगी .</p>
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		<title>By: ghughutibasuti</title>
		<link>http://kakesh.com/2007/patent-of-indian-yoga-in-usa/comment-page-1/#comment-235</link>
		<dc:creator>ghughutibasuti</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 May 2007 05:30:45 +0000</pubDate>
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		<description>भइया सावधान हो जाओ, हम छींक, खाँसी, व हिचकी के लिए पेटेन्ट की अर्जी दे चुके हैं सो मुफ्त में जितना इनका मजा लेना है ले लो फिर तो हमें पैसे भेजते रहियेगा । शुभकामना !
घुघूती बासूती</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>भइया सावधान हो जाओ, हम छींक, खाँसी, व हिचकी के लिए पेटेन्ट की अर्जी दे चुके हैं सो मुफ्त में जितना इनका मजा लेना है ले लो फिर तो हमें पैसे भेजते रहियेगा । शुभकामना !<br />
घुघूती बासूती</p>
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		<title>By: Gyandutt Pandey</title>
		<link>http://kakesh.com/2007/patent-of-indian-yoga-in-usa/comment-page-1/#comment-234</link>
		<dc:creator>Gyandutt Pandey</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 May 2007 05:04:02 +0000</pubDate>
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		<description>करालें पेटेंट. वे तो विक्रम योगा का ही करायेंगे न. यहां तो चक्रम योगा का पेटेण्ट तो भारत के हर एक सेल्फ स्टाइल्ड योगी के पास है.
खैर जोक एपार्ट, मामला सीरियस है. यह बहुत ही गलत चीज है. भारत की विरासत का मालिक कोई लफण्टर नहीं बनना चाहिये.</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>करालें पेटेंट. वे तो विक्रम योगा का ही करायेंगे न. यहां तो चक्रम योगा का पेटेण्ट तो भारत के हर एक सेल्फ स्टाइल्ड योगी के पास है.<br />
खैर जोक एपार्ट, मामला सीरियस है. यह बहुत ही गलत चीज है. भारत की विरासत का मालिक कोई लफण्टर नहीं बनना चाहिये.</p>
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		<title>By: paramjitbali</title>
		<link>http://kakesh.com/2007/patent-of-indian-yoga-in-usa/comment-page-1/#comment-233</link>
		<dc:creator>paramjitbali</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 May 2007 05:01:25 +0000</pubDate>
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		<description>भाई इन विदेशियों की बात ही निराली है इनका बस चले तो ये इंसानों के साँस लेने का पेटेंट करानें से भी बाज ना आएं और धन्य हैं वो देश जो इन्हें पेटॆंट कराने की सुविधा प्रदान करते है। उन की सोच का दिवालियापन देख कर हँसी आती है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>भाई इन विदेशियों की बात ही निराली है इनका बस चले तो ये इंसानों के साँस लेने का पेटेंट करानें से भी बाज ना आएं और धन्य हैं वो देश जो इन्हें पेटॆंट कराने की सुविधा प्रदान करते है। उन की सोच का दिवालियापन देख कर हँसी आती है।</p>
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