April 2008

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इक्के का आविष्कार घोड़े ने किया

निहारी, रसावल, जली और धुआं लगी खीर, मुहावरे, सावन के पकवान, अमराइयों में झूले, दाल, रेशमी दुलाई, ग़रारे, दोपल्ली टोपी, आल्हा-ऊदल और जबान के शेर की तरह इक्का भी यू. पी. की ख़ास चीजों में गिना जाता है। हमारा ख़याल है कि इक्के का अविष्कार किसी घोड़े ने किया होगा, इसीलिये इसके डिजाइन में इस [...]

शायरों की खातिरदारी

आज का अंश बिशारत द्वारा की जा रही मुशायरे की तैयारी से संबंधित है. इसमें हास्य के ऐसे नमूने हैं जो आपको निश्चय ही हँसने पर मजबूर कर देंगे. तो लीजिये प्रस्तुत है अगला भाग.

परुली : अभी नानतिन ही हुई हो

मलगाड़ से लौटते समय जोसज्यू सोच रहे थे कि पांडे ज्यू का कहना भी सही ही ठहरा. परुली तो अभी नानतिन ही हुई. उसे अभी अकल जो क्या हुई अरे हम लोगो को ही उतनी अकल जो क्या ठहरी. पांडे ज्यू की रिश्तेदारी तो लखनऊ, दिल्ली सभी जगह ठहरी. वह बराबर दिल्ली, लखनऊ जाते रहने [...]

अजीत जी पब्लिक को ऐसे भी फूल ना बनायें

अजीत जी पब्लिक को ऐसे भी फूल ना बनायें

अभी ऑफिस के लिये तैयार हो रहा था कि अनूप जी उर्फ फुरसतिया का फोन आया. कहने लगे.. छा गये काकेश..क्या झक्कास ईमानदार चिरकुटई की है. अभी हमारे साथ वाले कानपुर हॉस्टल के किस्से भी लिखोगे. ज्यादा ना लिखें वरना वैसा ही कंटाप पड़ेगा जैसा रैगिंग के समय में पड़ा था.यह तो उन्होने मजाक में [...]