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परूली : शादी की तैयारी

By काकेश on February 27, 2008

पहली बार उसे अपनी लड़की होने का अहसास हुआ. एक लड़की किस हद तक मजबूर हो सकती है इस बात से मन ही मन उसे खुद से घृणा होने लगी.

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मौलवी मज्जन से तानाशाह तक

By काकेश on February 24, 2008

कभी अपने बुजुर्ग या बॉस या अपने से अधिक बदमाश आदमी को सही रास्ता बताने की कोशिश न करना। उन्हें ग़लत राह पर देखो तो तीन ज्ञानी बंदरों की तरह अंधे, बहरे और गूंगे बन जाओ!

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नेकचलनी का साइनबोर्ड

By काकेश on February 22, 2008

समझ में न आया कि नेकचलनी का क्या सुबूत हो सकता है, बदचलनी का अलबत्ता हो सकता है। उदाहरण के लिये चालान,मुचलका, गिरफ़्तारी-वारंट, सजा के आदेश की नक़्ल या थाने में दस-नम्बरी बदमाशों की लिस्ट।पांच मिनट में आदमी बदचलनी तो कर सकता है नेकचलनी का सुबूत नहीं दे सकता।

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परुली: चिन्ह साम्य होगा क्या ??

By काकेश on February 20, 2008

अरे पढ़ लिख के क्या बैरिस्टर बनेगी. ब्या तो तब भी होगा ना और फिर तो वही भनपान, गोरु-बाछों का मोव निकलना, गुपटाले पाथना, पानी सारना और घरपन के सारे काम, इन सब में तेरी पढ़ाई क्या काम आयेगी रे परुली..और अच्छे रिश्तो के लिये मना नहीं करना चाहिये

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पास हुआ तो क्या हुआ

By काकेश on February 17, 2008

बेइज्जती के जितने प्रचुर अवसर हमारे यहां हैं दुनिया में कहीं और नहीं। नौकरी पेशा आदमी बेइज्जती को प्रोफ़ेशनल हेजर्ड समझ कर स्वीकार करता है।

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फ़ेल होने के फायदे

By काकेश on February 15, 2008

फ़ेल होने पर सिर्फ एक दिन आदमी की बेइज्जती खराब होती है इसके बाद चैन ही चैन।

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परुली….

By काकेश on February 13, 2008

परुली जो एक आम लड़की है उसी की है यह कहानी ….

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बुद्धिजीवियों के देश में…..

By काकेश on February 12, 2008

भारत विकट बुद्धिजीवियों का देश है. एक को ढूंढो हजार मिलते हैं. कमी नहीं ग़ालिब.

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मैं पापन ऎसी जली कोयला भई न राख

By काकेश on February 10, 2008

जीवन की नश्वरता की कहानी….

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कौन कैसे टूटता है ?

By काकेश on February 8, 2008

एक मार्मिक प्रस्तुति

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