स्वामी जी आजकल आमतौर पर नजर तो आते नहीं. वैसे भी जो स्वामी अमरीका में बैठकर पैसे पीटता है वो कम ही नजर आता है. :-) बहुत से स्वामी इसी लिये अमरीका का रुख करते हैं और वहीं के होकर रह जाते हैं तो ई वाली स्वामी कोनो अनौखे थोड़े हैं.

लेकिन अपने हैप्पी बर्थ डे बढ़ा सही वाला चितन किये हैं. पहिले तो हमहूं बोले दे “हैप्पी बर्थ-डे स्वामी जी”

फिर उसी बात को तनि आगे बढ़ायें.जो प्रशन आप उठाये रहिन वैसे तो ऊ बहुतैई बड़ा प्रशन है. ऊ पर तो कभी लिखबो करेंगे. अभी तो तो इतनो ही कहनो है कि इस प्रशन को सुनके तो गोस्वामी तुलसीदास जी भी घबरा गये.

एक बार लिखे हैं.

होइहि सोइ जो राम रचि राखा । को करि तर्क बढ़ावै साखा ॥

सब वही होने वाला है जो राम ने रचा है.

फिर कहते हैं.

करम प्रधान विश्व करि राखा, जो जस करी, सो तस फल चाखा

अब जब गोस्वामी कनफुजिया गये तो ई-स्वामी तो कनफुजियायेंगे ही.

आप बतायें जी का सही का गलत.

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