एक ग्रेट फादर का बर्थडे…

हाय…!

हाय…!!

कैसी हो ?

आइ एम फाइन…अच्छी हूँ….

सो यू आर कमिंग ना…?

हाँ प्लान तो कर रही हूँ..बट तुमने बताया नहीं कि आज हॉलीडे क्यों है…?

अरे सम फादर ..गॉडफादर का बर्थडे है…

ओ…तुम्हारे फादर का बर्थडे है…!!

अरे नहीं यार देश के फादर का बर्थडे है..

देश के फादर ..व्हाट डू यू मीन… ??

अरे सम गांधी यार…उनका बर्थ डे है…

ओ ..सोनिया ..नो यार वो फादर कैसे हो सकती है ( हँसी) ..हाउ सिली..

हाउ क्यूट .. !! अरे वो बापू है ना ..वो यार संजय दत्त वाले…

ओ..या.. वो गांधीगिरी जो करते थे ना…

हाँ हाँ वही….

बट उनके बर्थ डे पे छुट्टी क्यो?

आइ डॉंट नो यार ..बट समबडी वाज टैलिंग ही इज ए ग्रेट मैन…

रियली यार…ईवन आई लाइक हिम.. सारी की सारी फिल्में उसकी बहुत अच्छी हैं.. वो मुन्नाभाई एम बी बी एस इज माय फैवरिट..

नो आइ एम टॉक़िंग ऑफ बापू….

ओ ………इवन बापू इज ए ग्रेट मैन … ?? दिस इज ए न्यूज टू मी…

अरे तभी तो आज हॉलीडे है ना..

ओ ..या…बट ..व्हाई ही इज ग्रेट..

अरे वो घर में चरखा चलाके सूत कातते थे ना…

व्हाट ‘चरखा’ ..व्हाट ‘सूत’… कांट यू स्पीक इन प्रॉपर हिन्दी और इंगलिश …

अ..अ..अ..आई मीन वो यार्न बनाते थे यार… फिर उसी से फैब्रिक भी बनाते थे…

सो व्हाट ..ईवन माइ डैड डज दा सेम…उनकी भी तीन चार मिल्स हैं फैब्रिक की….

और वो कपड़े भी कम पहनते थे…

दिस इज नॉट डन…कितनी तो बॉलीवुड की हिरोइन कम कपड़े पहनती है… इवन ..मैं भी कितने कम पहनती हूँ…

बट …वो सुबह सुबह रामधुन भी गाते थे..

ओ..इट मीन ही वाज ए ग्रेट सिंगर…??

नोट ओनली सिंगर बट ….बट ..उनके पास तीन बंदर भी थे…

यू मीन मॉंकीज (monkeys)…

या….

हाउ स्वीट…

या…एंड जितने भी रुपये हमारे इंडिया के हैं ना…उनमें भी जो फोटो है ना वो बापू की फोटो है….

ओ ग्रेट ..ही मस्ट भी हैविंग ए प्रिंटिग प्रेस…

मे बी..एंड यू नो व्हाट … उन्होने साल्ट भी बनाया था….नमक…

ग्रेट…

एंड ही यूज तो कैरी ए स्टिक आलसो..यू नो लाठी…

या….

ही यूज टु मॉटीवेट पीपल…

लाइक मैनेजमैंट गुरुज…??

या…

ही वाज रियली ए वर्सेटाइल पर्सनालिटी….मैं भी डैड को बोलुंगी ये सब काम करने को…

दैट्स गुड..हू नोज कि कल को डैड भी ऎसे ही ग्रेट हो जायें…

हाँ यार ..फिर एक छुट्टी और मिल जायेगी…(हँसी)

(हँसी)..तो यू आर कमिंग ना..

डैफिनिटली…

सो सीयू दैन …

बाय……….

बाय…

चिट्ठाजगत चिप्पीयाँ: हास्य व्यंग्य, काकेश, गान्धी, हिन्दी

By काकेश

मैं एक परिन्दा....उड़ना चाहता हूँ....नापना चाहता हूँ आकाश...

13 comments

  1. मस्त व्यंग्य है। कल हिंदू में एक सर्वे रिपोर्ट छपी थी जिसमें कुछ छात्रों ने गांधी को सेक्स मैनिएक तक बताया था।

  2. रोचक च चऊंचक
    फादर आफ दि नेशन के बाद अब सोचा जाये कि भाई आफ दि नेशन कौन है।
    चिरकुट आफ दि नेशन और चरकुट आफ दि नेशन पर भी विचार किया जाये जी।

  3. ओ ………इवन बापू इज ए ग्रेट मैन … ?? दिस इज ए न्यूज टू मी…

    आप बहुत अच्छे व्यंगकार हैं. लेकिन यह तो वास्तविक में की गयी बातचीत लगती है. क्या आपके दफ्तर में ऐसा हुआ है क्या?

  4. शर्म की बात है। पर आज के ज़माने की हक़ीकत भी है।

  5. हे, डिड यु रीड इट?…आई रेड इट यार…वो अच्छा लिखता है…

    अच्छा लिखता है!… हू?

    अरे काकेश, बडी…ही इज अ डैम गुड राईटर…

    ओह…डज ही राईट लेटर?…

    अरे नहीं यार…ही राईट्स अबाऊट फनी थिंग्स…….

    ओह, ही मस्ट बी राईटिंग सम सटायर….क्या कहते हैं उसको…हाँ व्यंग..व्यंग…

    यस्…यूं आर राईट…ईट्स व्यंग…हाउ फनी….नो?

    हा हा….इट साऊंड्स स्ट्रेन्ज…..व्यंग…..

    हाँ यार….ही हैज रीटेन अ पीस आन द मैन हू यूज्ड टू डू गान्धीगीरी… अरे ह्वाट डू वी काल हिम….गांधी…नेम इज गांधी….महात्मा गांधी…

    तू भी न….तू तो ऐसा बोल रहा है, जैसे …नेम इज बांड….जेम्स बांड…

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