प्रिंट मीडिया में चिट्ठाकारी की चर्चा.

आजकल चिट्टाकारी की चर्चा प्रिंट मीडिया में जोरों पर है. कुछ दिनों पहले हिन्दी की प्रतिष्ठित पत्रिका कादम्बिनी की आवरण कथा भी हिन्दी चिट्ठाकारी पर थी. जिसमें अविनाश जी ने भी अपना योगदान दिया था. अविनाश जी कथादेश में हिन्दी चिट्ठाकारी पर नियमित लिखते रहे हैं. पिछ्ले दिनों मुम्बई से निकलने वाली पत्रिका समकाल में भी  हिन्दी ब्लॉगिंग पर एक लेख छ्पा था. जिसे लिखा था विस्फोट चिट्ठा चलाने वाले संजय तिवारी ने. इसमें जीतू जी , अरुण जी , मैथिली जी ,आलोक जी,प्रतीक पांडे के नाम भी शामिल हैं.

आप भी पढ़ें. (बड़ा करने के लिये चटका लगायें).बहुत से लोगों ने शिकायत की है कि वो इसे नहीं पढ़ पा रहे हैं इसलिये यह लेख यहां पर डाल दिया गया है.

blog

By काकेश

मैं एक परिन्दा....उड़ना चाहता हूँ....नापना चाहता हूँ आकाश...

15 comments

  1. थोडा और high resolution कि फ़ाइल होनी चाहिऐ । यह अभी नही पढ जा रहा है

  2. अरे भाई क्या बात है मेरा नाम ..?पंगा तो नही ले रहो हो मेरे से
    अरे वाह ये तो वाकई है जी धन्यवाद जी,वैसे भी हम चिट्ठा जगत के अकेले और पहले पंगेबाज है,अगर किसी को एतराज हो तो पोस्ट् डाल दे जी..:)

  3. इसमें ऊपर श्री रवि रतलामी जी और ई-पन्डित के ब्लाग की तसवीर साफ नजर आ रही है.
    हम आपको इसके हाई रिजोल्यूशन कापी उपलब्ध कराने की कोशिश करते हैं

  4. अच्छी खबर देने के लिए धन्यवाद । पढने मे थोड़ी दिक्कत आ रही है ।

  5. टाइम्स आँफ़ इंडिया मुंबई ने भी भाई श्री रवि रतलामीजी के इश्टाइलिश चित्र के साथ इसी रविवार (वाह ! क्या संयोग है रवि…रवि)को हिन्दी ब्लाँगिंग से प्रमुखता से एक स्टोरी की है तारीख़ नोट करें..२२ जुलाई.

  6. बधाई जानकारी के लिए, लेकिन लेख पढ़ा नहीं जा रहा। 🙁

  7. बढिया जानकारी, चलो कुछ चर्चा, सुगबुगाहट तो है, हो सकता है कल को मेरा नाम भी इन बडे़ लोगों में शामिल हो जाये 🙂

Leave a comment

Your email address will not be published.